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बार-बार पेशाब आना गरà¥à¤à¤¾à¤µà¤¸à¥à¤¥à¤¾ की पà¥à¤°à¤®à¤¾à¤£à¤¿à¤¤ विशेषता है। आप पाà¤à¤‚गी कि गरà¥à¤à¤µà¤¤à¥€ होने पर आपको बहà¥à¤¤ जà¥à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾ पेशाब आ रहा है, खासकर कि पहली और अंतिम तिमाही में।
वासà¥à¤¤à¤µ में, यह गरà¥à¤à¤µà¤¤à¥€ होने के पहले कà¥à¤› संकेतों में से à¤à¤• है। यह शरीर में हो रहे हॉरà¥à¤®à¥‹à¤¨à¤² बदलावों का ही हिसà¥à¤¸à¤¾ है।
गरà¥à¤à¤¾à¤µà¤¸à¥à¤¥à¤¾ के अंतिम चरण में, आपका बढ़ा हà¥à¤† गरà¥à¤à¤¾à¤¶à¤¯ मूतà¥à¤°à¤¾à¤¶à¤¯ की कà¥à¤·à¤®à¤¤à¤¾ को घटा देता है, और लगता है कि आप जà¥à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾ पेशाब का उतà¥à¤ªà¤¾à¤¦à¤¨ कर रही हैं। आपका मूतà¥à¤°à¤¾à¤¶à¤¯ खाली होने पर à¤à¥€, इस पर पड़ रहा दबाव इसके à¤à¤°à¥‡ होने का संकेत दे सकता है।
पà¥à¤°à¥‡à¤—à¥à¤¨à¥‡à¤‚सी में कई बार मूतà¥à¤°à¤¾à¤¶à¤¯ को पूरी तरह खाली कर पाना मà¥à¤¶à¥à¤•िल होता है। यह à¤à¥€ à¤à¤• वजह है कि आपको बार-बार पेशाब के लिठजाना पड़ता है।
पà¥à¤°à¥‡à¤—नेंसी में रात में मà¥à¤à¥‡ बार-बार पेशाब जाना कà¥à¤¯à¥‹à¤‚ पड़ रहा है?
गरà¥à¤à¤¾à¤µà¤¸à¥à¤¥à¤¾ में रात को बार-बार पेशाब के लिठजाना (नोकà¥à¤Ÿà¥à¤°à¤¿à¤¯à¤¾) आम है। हारà¥à¤®à¥‹à¤¨à¤² बदलावों और गà¥à¤°à¥à¤¦à¥‹à¤‚ में बढ़े हà¥à¤ रकà¥à¤¤ पà¥à¤°à¤µà¤¾à¤¹ के कारण आपको जà¥à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾ बार पेशाब जाने की जरà¥à¤°à¤¤ महसूस होती है। पà¥à¤°à¥‡à¤—नेंसी में आप जà¥à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾ मातà¥à¤°à¤¾ में तरल पदारà¥à¤¥ लेती हैं, इसकी वजह से à¤à¥€ जà¥à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾ बार पेशाब आता है।
रात में पेशाब के लिठउठने की वजह से पहली तिमाही और तीसरी तिमाही में आपकी नींद में खलल पड़ सकता है। जैसे-जैसे आपका गरà¥à¤à¤¸à¥à¤¥ शिशॠबढ़ता है, आपके शरीर में खून और अनà¥à¤¯ तरल पदारà¥à¤¥à¥‹à¤‚ की मातà¥à¤°à¤¾ à¤à¥€ बढ़ती जाती है। आपके गà¥à¤°à¥à¤¦à¥‡ अपशिषà¥à¤Ÿ पदारà¥à¤¥à¥‹à¤‚ को बाहर निकालने के लिठजà¥à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾ मेहनत कर रहे हैं, जिसकी वजह से आपको जà¥à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾ बार पेशाब जाने की जरà¥à¤°à¤¤ महसूस हो रही है।
गरà¥à¤à¤¾à¤µà¤¸à¥à¤¥à¤¾ के पहले तीन महीनों में आपका बढ़ता गरà¥à¤à¤¾à¤¶à¤¯ मूतà¥à¤°à¤¾à¤¶à¤¯ पर दबाव डालता है। चौथे महीने के आसपास गरà¥à¤à¤¾à¤¶à¤¯ पेट में थोड़ा ऊपर की तरफ हो जाता है। इससे मूतà¥à¤°à¤¾à¤¶à¤¯ पर से दबाव हट जाता है, मगर केवल कà¥à¤› समय के लिठही।
पà¥à¤°à¥‡à¤—नेंसी के अंतिम हफà¥à¤¤à¥‹à¤‚ में फिर से बार-बार पेशाब जाने की जरà¥à¤°à¤¤ महसूस होने लगती है। à¤à¤¸à¤¾ इसलिठकà¥à¤¯à¥‹à¤‚कि आपका गरà¥à¤à¤¾à¤¶à¤¯ बड़ा होता जाता है और शिशॠशà¥à¤°à¥‹à¤£à¤¿ कà¥à¤·à¥‡à¤¤à¥à¤° में दोबारा जगह घेर लेता है। इस तरह फिर से मूतà¥à¤°à¤¾à¤¶à¤¯ पर दबाव पड़ने लगता है और यह शिशॠके जनà¥à¤® तक जारी रहता है।
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